
एनबीटी न्यूज, ग्रेटर नोएडा : ग्रेनो वेस्ट इटैड़ा मोड़ पेट्रोल पंप के पास पुलिसवाले बनकर लूटी कारोबारी का स्कॉर्पियो का पुलिस 10 दिन बाद भी सुराग नहीं लगा सकी है। जांच में जुटी पुलिस की तीनों टीम के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगा है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने जेल से जमानत पर आए कई गैंगों के बदमाशों से भी पूछताछ की है, लेकिन वह भी इस लूट की घटना में शामिल बदमाशों के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दे सके। पुलिस को शक है कि लूट की घटना में मेरठ, गाजियाबाद के गैंग का भी हाथ हो सकता है। पुलिस इस ऐंगल पर भी जांच कर रही है। वहीं, शहर की नेफोवा संगठन भी ग्रेनो वेस्ट में बढ़ रहे क्राइम को कंट्रोल करने के लिए पुलिस कमिश्नर से मिल चुकी है। उन्होंने लूट की घटनाओं का खुलासा नहीं होने पर रोष जताया है।
एक फरवरी को लूटी गई थी
बता दें कि ग्रेनो वेस्ट के सैनी गांव निवासी राजकुमार बिल्डिंग मटीरियल सप्लायर हैं। एक फरवरी की रात करीब साढ़े 9 बजे इटैड़ा मोड़ पेट्रोल पंप पर उनके भाई नीरज स्कॉर्पियो में डीजल भराने पहुंचे थे। पेट्रोल पंप पर टैंकर खाली हो रहा था तो वह रोड के किनारे इंतजार करने लगे। इसी बीच 3 लोग पहुंचे और खुद को पुलिसवाला बताने लगे। नीरज कुछ पूछते इससे पहले उन्होंने पूछा हत्या करके आया है। नीरज ने मना किया तो तीनों ने पिस्टल सटाकर उन्हें स्कॉर्पियो में बंधक बना लिया। एक बदमाश गाड़ी चलाने लगा, जबकि दो ने उन्हें पीछे बैठा लिया। मारपीट करते हुए जेब में रखे 3 हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद बदमाशों ने देवला गांव के एक पेट्रोल पंप पर स्कॉर्पियो में डीजल भराया। तिलपता के पास गाड़ी रोककर जीपीएस चेक किया। फिर जारचा कोतवाली क्षेत्र के मंडैया गांव के पास नीरज को छोड़कर भाग गए।
बदमाशों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की टीम जुटी है। घटना का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
-हरीश चंदर, डीसीपी जोन-2
Source: International