'डर से कांप रही थी, दूत बनकर आई पुलिस'

B- सेक्टर 60 के कॉल सेंटर में काम खत्म कर निकली युवती को नहीं मिली थी कैब

– सेक्टर 59 मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचीं तो आसपास अंधेरा था और सड़कों पर थी सुनसान

– युवती ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस से मांगी मदद तो घर तक पहुंचाने गई पीआरवी

Shyam.Vir

@timesgroup.com

ग्रेटर नोएडा: Bरात के करीब साढ़े 12 बजे थे। सड़कें सुनसान थीं। कोई वाहन भी नहीं दिख रहा था। ऐप बेस्ड कैब भी नहीं मिल रही थी। रोड पर अकेली खड़ी भावना अनहोनी के डर से कांप रही थीं। तभी उन्हें यूपी पुलिस की मदद करने वाली एक खबर याद आई। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम के डायल 112 पर कॉल किया। महज 6 मिनट में पुलिस रेस्पॉन्स वीइकल (PRV) भावना के पास पहुंच गई। पुलिसवालों ने कैब बुलाई और एस्कॉर्ट कर भावना को छोड़ने उनके घर तक गए। भावना से घटना के बारे में बात हुई तो उन्होंने कहा, डर से कांप रही थी। एक कॉल पर पुलिसवाले दूत बनकर आए थे। डीजीपी ने पीआरवी को रात में अकेली लड़कियों को घर तक छोड़ने का आदेश दिया था। जिले में इस सुविधा का लाभ लेने वाली भावना पहली लड़की हैं।

भावना ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिसरख के पास रॉयल संस्कृति सोसायटी में रहती हैं। वे नोएडा के सेक्टर 60 स्थित एक कॉल सेंटर में कस्टमर केयर एग्जिक्यूटिव हैं। सामान्य तौर पर वे कंपनी से रात 8 बजे के आसपास निकल जाती हैं। उस समय कैब आसानी से मिल जाती है और सड़कों पर चहल-पहल रहती है। बुधवार रात उन्हें कंपनी में देर हो गई थी। किसी तरह सेक्टर 59 में मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचीं। उस समय सड़कें सुनसान थीं। हाल ही में हैदराबाद की घटना को लेकर डर और भी बढ़ गया। भावना ने एनबीटी को बताया कि उन्हें यूपी पुलिस की ओर से महिलाओं को सुरक्षित घर छुड़वाने की पहल के बारे में पता चला था। इसके चलते उन्होंने यूपी पुलिस को 112 नंबर पर कॉल की। भावना ने बताया कि उनके पास पुलिस को धन्यवाद देने के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं। पुलिस का जो चेहरा रात में देखा, वैसा कभी नहीं सोचा था। एक कॉल पर महज कुछ मिनट में पुलिस न आती तो पता नहीं क्या होता। मुझे बहुत डर लग रहा था।

B1848 नंबर पीआरवी ने पहुंचाया घरB

कॉल-112 के इंचार्ज इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि बुधवार रात 12:38 बजे भावना की कॉल आई थी। कॉलर ने कहा कि वह अकेली हैं। सुनसान है और बहुत डर लग रहा है। भावना को कोई गाड़ी नहीं मिल रही थी। महज 6 मिनट में उनके पास थाना सेक्टर 58 के तहत आने पीआरवी नंबर 1848 पहुंच गई। उसमें थाना सेक्टर 58 से महिला पुलिसकर्मी भी थीं। उसके बाद पुलिस ने कैब बुक करवाई। कैब के जरिए भावना को उनके घर तक पहुंचाया गया। इस दौरान पीआरवी भी कैब के साथ उनके घर तक गई। भावना जिले की पहली लड़की हैं, जिन्होंने पुलिस की इस सुविधा का लाभ लिया।

Bअपनी गाड़ी से नहीं पहुंचाएगी पुलिस

Bअभी तक लोग यह मान रहे थे कि पुलिस रात में अपनी गाड़ी से लड़कियों को घर तक पहुंचाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है। इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि महिला को उसके निजी वाहन, कैब या ऑटो से ही जाना होगा। अगर गाड़ी नहीं मिल रही होगी तो पुलिस उसका इंतजाम करेगी। किराया लड़की को ही देना पड़ेगा। जिस वाहन से लड़की जाएगी, उसकी सुरक्षा में पीआरवी साथ में चलेगी।

Bआपात स्थिति के लिए मिलेंगी 5 पीआरवीB

किसी जगह अगर कैब, ऑटो आदि का इंतजाम नहीं हो पाता है तो पुलिस अपने वाहन से लड़की को छोड़ने घर तक जाएगी। ऐसी आपात स्थिति के लिए पुलिस को जल्द ही 5 पीआरवी मिलने वाली है। हर पीआरवी पर 2-2 महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। हर 3-4 थाना एरिया को एक पीआरवी दी जाएगी। जिले में इनकी तैनाती के लिए शुरुआती तौर पर जगह चिह्नित हो चुकी है। वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति बाकी है।

Bरात में हो चुकी हैं कई घटनाएंB

– दादरी में रहने वाली महिला अपने 6 महीने के बच्चे को लेकर ऑटो से ग्रेटर नोएडा आ रही थी। ग्रेनो के एक निजी अस्पताल में बच्चे का इलाज होना था। साल 2018 की इस घटना में आरोप लगा कि ऑटो चालक ने बच्चे की हत्या की धमकी देकर महिला से रेप किया था।

– गुड़गांव में कैब का इंतजार कर रही एक महिला को कुछ लोग कार में डालकर ग्रेटर नोएडा तक ले आए। जुलाई 2017 में वारदात हुई थी। ग्रेनो तक महिला से गैंगरेप किया गया। हालांकि बाद में इस केस में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

– ग्रेटर नोएडा से दनकौर स्थित अपने घर जा रही नाबालिग को ऑटो चालक ने रोड से अगवा कर लिया था। दोस्तों के साथ गैंगरेप के बाद दनकौर के पास बेहोशी की हालत में फेंककर फरार हो गए थे। जुलाई 2017 में हुई वारदात के बाद काफी हंगामा मचा था।

Source: International

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