10 बिल्डर प्रॉजेक्ट्स को स्ट्रेस फंड का लाभ देने का ऐलान

पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर इन्हें दिया जाएगा लाभ

तीनों अथॉरिटी व केंद्र सरकार के अधिकारियों ने स्ट्रेस फंड को लेकर की बैठक

अब तक 10 बिल्डरों ने ही इस फंड के लिए एसबीआई कैप्स में किया आवेदन

विशेष संवाददाता, ग्रेटर नोएडा

केंद्र सरकार की तरफ से दिए जाने वाले स्ट्रेस फंड के लिए 10 बिल्डर प्रॉजेक्ट को पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर चुना जाएगा। इसके बाद अन्य बिल्डरों को मौका दिया जाएगा। अब तक 10 बिल्डरों ने ही इसके लिए आवेदन किया है। जल्द ही 20 अन्य बिल्डर भी आवेदन करने जा रहे हैं। इसके बाद इनमें से 10 बिल्डर प्रॉजेक्ट को चुना जाएगा। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में तीनों अथॉरिटी और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने बिल्डरों की मौजूदगी में हुई बैठक में यह फैसला लिया।

नोएडा, ग्रेनो व यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्ट्रेस फंड का लाभ अधिक से अधिक बिल्डरों को देकर अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया गया। बताया गया कि इस योजना के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके एमडी संजीव चड्ढा ने आवेदन के नियमों व तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में आवेदन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ अन्य कार्रवाई स्थगित कर दी जाएंगी। पहले चरण में पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर 10 से 12 बिल्डर प्रॉजेक्ट्स को स्ट्रेस फंड को फास्ट ट्रैक में डालकर लाभ दिलाया जाएगा। इससे अन्य बिल्डरों को इसके संबंध में विश्वास हो सकेगा और वे भी आवेदन करेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 10 बिल्डरों ने इस फंड के लिए आवेदन किया है। अगले एक सप्ताह में 20 अन्य बिल्डर भी एसबीआई कैप्स में आवेदन कर देंगे।

अधूरे प्रॉजेक्ट हो सकेंगे पूरे

इस फंड के जरिए अधूरे प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिल सकेगी। जिससे बायर्स को भी घर मिल सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से घर की राह देख रहे बायर्स के लिए यह योजना गेम चेंजर साबित होगी। इस योजना को लेकर बैठक में वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव मदनेश मिश्रा, डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के डायरेक्टर पवन कुमार, एसबीआई कैप्स के एमडी संजीव चड्ढा, यूपी रेरा के सचिव अबरार अहमद और बिल्डरों की संस्था क्रेडाई के अध्यक्ष पंकज बजाज आदि ने भी अपने विचार रखे। अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले 25 हजार करोड़ रुपये के स्ट्रेस फंड का लाभ बायर्स को देने को लेकर रणनीति बनाई गई। इसके नियमों के बारे में पवन कुमार ने विस्तार से जानकारी दी। आलोक टंडन ने बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत शासन की ओर से भी नीति बना ली गई है। इससे बायर्स को राहत मिलेगी।

क्या है नियम

केंद्र सरकार ने अधूरे बिल्डर प्रॉजेक्ट्स को पूरा कराने के लिए यह फंड जारी किया है। योजना के तहत किसी भी प्रॉजेक्ट को अधिकतम 400 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे जिले के 40 से 50 प्रॉजेक्ट पूरे हो सकते हैं। इससे करीब 50 हजार बायर्स को उनका घर मिल सकेगा।

यह हैं शर्तें

1. प्रॉजेक्ट रेरा में पंजीकृत होना चाहिए।

2. धन की कमी के कारण प्रॉजेक्ट रुका हो।

3. प्रॉजेक्ट सस्ता हो और मध्यम आय वर्ग के लिए हो।

4 – प्रॉजेक्ट पूरा होने के करीब होना चाहिए।

5- हाउसिंग यूनिट का कारपेट एरिया 200 वर्ग मीटर से अधिक न हो।

6- एक यूनिट की कीमत 1.5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए

7. प्रॉजेक्ट की NET WORTH पॉजिटिव होनी चाहिए।

इनके बायर्स को नहीं मिलेगा लाभ

– आम्रपाली

– जेपी ग्रुप

– यूनिटेक

– ग्रीनबे

– थ्री सी

– अंसल मेगापोलिस

– अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर

Source: International

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