एयरपोर्ट के लिए जमीन मिलने में देरी पर सरकार को हर दिन 10 लाख रुपये की लगेगी चपत

विशेष संवाददाता, ग्रेनो : जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन मिलने में देरी का हर्जाना सरकारी खजाने को हर रोज दस लाख रुपये देकर चुकाना होगा। नियम के अनुसार प्रशासन को एयरपोर्ट निर्माण के लिए कंसेशनेयर एग्रीमेंट होने के बाद अगर 100 प्रतिशत जमीन नहीं मिलती है तो निर्माण करने वाली कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनैशनल एजी को ये रकम दी जाएगी। शासन ने डीएम को पत्र भेजकर जमीन लेकर जल्द सूचना देने का निर्देश दिया है। सीएम ने 30 नवंबर तक एयरपोर्ट के लिए जमीन पर कब्जा लेने के निर्देश दिए थे। हालांकि लेकिन अभी तक यह हो नहीं सका है। शासन ने इस पर भी नाराजगी जताई है कि प्रशासन की ओर से कब्जे की जानकारी क्यों नहीं दी गई। शासन की ओर से विशेष सचिव सूर्यपाल गंगवार ने ये पत्र गौतमबुद्धनगर के डीएम को भेजा है। इसमें 31 अक्टूबर के शासनादेश का उल्लेख किया है जिसमें 30 नवंबर तक पजेशन लेने का आदेश दिया था।

क्यों देना होगा 10 लाख

शर्तों के अनुसार अगर पूरी जमीन नहीं मिलती है तो कंसेशनेयर एग्रीमेंट के बाद ज्यूरिख को जमा कराई गई सिक्युरिटी मनी की 0.1 प्रतिशत रकम हर रोज मिलेगी। ज्यूरिख ने 100 करोड़ रुपये सिक्युरिटी मनी के रूप में जमा कराई थी। डीएम को निर्देश दिया गया है कि वह शेष 20 प्रतिशत जमीन पर जल्द कब्जा लें। उधर डीएम ने किसानों को चेतावनी दी थी कि मंगलवार तक उन्होंने मुआवजा नहीं उठाया जो रकम को कोर्ट में जमा करा दिया जाएगा। उसके बाद प्रशासन जमीन पर कब्जा ले लेगा।

Source: International

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