मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र अनिश्चितकाल के लिये स्थगित

भोपाल, 20 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया। हालांकि, तय कार्यक्रम के अनुसार शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक चलना था। सुबह में कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी एवं पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह के तबादले और उसके बाद उनके द्वारा वीआरएस लेने का मुद्दा उठाया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट ठेकेदारों के दबाव के कारण उनका तबादला किया और एक ईमानदार अधिकारी को लगभग चार साल की सेवा होने के बावजूद वीआरएस लेना पड़ा। इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलने लगा। इसके बाद विपक्षी सदन आसन के पास जमा हो गये और नारे लगाने लगे। इस पर अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने भाजपा सदस्यों से स्थान ग्रहण करने के लिये कहा। लेकिन, विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद अध्यक्ष ने ध्यानाकर्ष के प्रस्ताव पढ़ना शुरु किया तो विपक्षी सदस्य पुन: नारेबाजी करते हुए सदन के बीचों बीच आ गये। नारेबाजी के बीच अध्यक्ष ने कार्यसूची के आवश्यक विषयों को पूरा करते हुए सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया। इसके बाद विधानसभा के मीडिया परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने पत्रकारों से कहा कि विपक्ष ने सदन में अनेक सवाल उठाये लेकिन सरकार की ओर से उनका कोई उत्तर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के हित में चल रही संबल योजना, मृत्यु पर 5,000 रुपये अनुदान देने जैसी भाजपा सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं को कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोषण आहार पर ठेकेदारों के दबाव वाली फाइल पर जब मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन की अध्यक्ष गौरी सिंह ने दस्तखत करने से इंकार कर दिया तो उनका तबादला कर दिया गया जिसके कारण उन्हें नौकरी से वीआरएस लेना पड़ा है। प्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने मीडिया परिसर में पत्रकारों से कहा कि भाजपा के विधायक स्वयं किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में यूरिया का संकट केन्द्र सरकार की वजह से है क्योंकि केन्द्र से पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और उनकी परेशानियों को हल करने के लिये कटिबद्ध है।

Source: Madhyapradesh

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