
बरगवां अमलाई। “समय का बंधन ना होता तो कुछ और कर जाते रक्तदान करिए सभी इंसानियत के नाते”वैसे तो आप सभी ने मानवता को लेकर कई किस्से सुने होंगे कई घटना भी देखे होंगे लेकिन एक ऐसा भी मानवता की सेवा सामने आई है जिसमें एक ऑटो चालक अपना काम छोड़कर ऑटो रिक्शा छोड़कर जब सुना की एक महिला की तबीयत खराब है रक्त चाहिए तो ऑटो रिक्शा चालक के अंदर एक ऐसी खुशी निकली की मुझे किसी की सेवा करने का मौका मिल रहा हा और वह एक महिला की जान बचाने स्वास्थ रहने को लेकर रक्तदान किया रक्तदान करने के बाद उसने कहा कि हम सभी को रक्तदान करना चाहिए किसी की जिंदगी बचाना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है जिसे हम सभी को करना चाहिए।
जिला चिकित्सालय अनूपपुर में जैतपुर की एक मरीज आशा बाई पटेल महिला जो मरीज भर्ती थी उनके गुर्दे में प्रॉबलम होने से ब्लड की कमी थी और चिकित्सक द्वारा बताया गया की आशा जी को तत्काल में ओ पॉजिटिव ब्लड की जरूरत है और मरीज के परिवार वाले दूर होने के कारण ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पाई जिसकी सूचना विनोद ऑटो चालक को मिला उन्होंने बिना समय गवाए तुरंत चिकित्सालय के लिए रवाना हो गए। वैसे तो विनोद हमेशा से मानव सेवा करते आ रहे हैं और जरूरत मंद व्यक्तियों की जितना हो सकता हैं उतना वो मदद करते हैं।कोरोना काल में भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने बावजूद दूसरो की मदद के लिए तत्पर सेवा में कोरोना फाइटर बनकर मदद के लिए तैयार बने रहे।अभी भी अगर कोई वृद्ध व्यक्ति स्कूली बच्चे विद्यार्थी सड़क में दिख जाते है तो अपनी रिक्शा में निशुल्क सेवा देते हैं विनोद अमलाई नगर परिषद बरगवा के वार्ड क्रमांक 04 का रहने वाला है और लोगो को अपनी ऑटो रिक्शा से रेलवे स्टेशन से आने जाने वालो के लिए 24 घंटे ऑटो बुकिंग सर्विस देने के लिए तैयार रहता है। एक अच्छी बात तो यह भी हैं की रेलवे स्टेशन से अगर कोई फौजी जवान आए हो तो उनके लिए फ्री ऑटो रिक्शा सर्विस देते है,और हमेशा की तरह आज भी विनोद एक अच्छा समाजसेवी व्यक्ति हैं रिक्शा चालक विनोद ने अपनी उम्र में पहली बार रक्त दान कर के एक रक्त दानवीर की मिशाल देते हुए कहा ,,, मौका दीजिये अपने खून को, किसी की रगों में बहने का,ये लाजवाब तरीका है, कई जिस्मों में ज़िंदा रहने का ,,, और इस तरह ऑटो रिक्शा चालक विनोद कुमार गुप्ता ने मानवता का परिचय दिया।