शराब के नशे में धुत प्रोडक्शन एवं आईईएम प्लांट (कास्टिक उत्पादन) इंचार्ज के द्वारा उद्योग में आए ऑडिटरों से की गई मारपीट एवं अभद्रता।

पूरे मामले को दबाते हुए इन पर कार्यवाही न कर छुपाने का प्रयास किया प्रबंधन ने

शहडोल।आज से 5 महीने पूर्व प्रोडक्शन मैनेजर एवं आई एम प्लांट इंचार्ज के द्वारा बाहर से आए हुए ऑडिटर की टीम को जिनका काम उद्योग की समस्याओं और किए गए घोटाले के विषय में जानकारी एकत्रित करना रहता है उनके साथ इन उद्योग के अधिकारियों के द्वारा सोडा फैक्ट्री गेस्ट हाउस के पास नशे की हालत में भूत होकर अनाप-शनाप गाली गलौज एवं मारपीट करने पर आमदा हो गए थे यही नहीं इनके द्वारा बाहर से आई ऑडिट की टीम के साथ अपने क्वार्टर कॉलोनी से डंडा लेकर हमला के लिए उतारू हो गए थे।
जिस पर ऑडिट करने आई टीम के द्वारा उनकी वीडियो ग्राफी कर ली गई और उद्योग के उच्च अधिकारियों को वीडियो फिल्म भेज दिया गया जिस पर ओरिएंट पेपर मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के द्वारा इन्हें हटाने के लिए भी कहा गया किंतु वर्तमान में सोडा कास्टिक यूनिट के जी एम अविनाश कुमार वर्मा के द्वारा उनकी सिफारिश की गई और उनके ऊपर होने वाली औद्योगिक कार्यवाही को रोक दिया गया इस प्रकार जब यह अपने उद्योग के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ अभद्रता एवं गुंडागर्दी करने में आमदार हो सकते हैं तो उद्योग के बाहर रहने वाले साधारण जनमानस और कर्मचारियों के साथ शराब के नशे में धुत होकर क्या ना करते होंगे।
ऐसे में उद्योग के अंदर कार्य के दौरान भी इन्हें कई बार शराब के नशे में पाया गया किंतु उद्योग अपने उत्पादन और फायदे को ध्यान में रखते हुए ऐसे रिटायरमेंट अधिकारियों को उनके हौसले बढ़ाने में कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ती जिससे उनके हौसले इतने बुलंद हैं की सुबह के नाश्ते के साथ दो ढक्कन फिर दोपहर भोजन के साथ दो ढक्कन और फिर रात्रि के समय खाने के साथ दो ढक्कन शराब सेवन करने के आदी हो गए हैं और नशे में अति संवेदनशील सूखा कास्टिक, गीला कास्टिक, हाइड्रोजन युक्त प्लांट, एसिड लिक्विड एवं हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, क्लोरीन रिसाब जैसी घटनाओं का होना स्वाभाविक ही है।

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