
विस, वस, गाजियाबाद/साहिबाबाद
सीएए को लेकर 20 दिसंबर को जिले में हुए बवाल के बाद से बरती जा रही पुलिस-प्रशासन की सतर्कता का असर शुक्रवार को दिखाई दिया। दूसरे जुमे के मौके पर शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अता की गई और कहीं से बवाल की सूचना नहीं मिली। अफवाह न फैले, इसलिए इंटरनेट बंद कर दिया गया था और स्कूलों की छुट्टियां कर दी गईं। कैलाभट्टा, इस्लाम नगर, मसूरी-डासना, साहिबाबाद पसौंडा, मुरादानगर, लोनी, लोनी बॉर्डर में हुए बवाल के बाद 50 से अधिक पॉइंट पर पुलिस फोर्स तैनात रही। कैला भट्टा, मुरादनगर और पसौंडा में पिछली बार हुए हंगामे में सीओ, इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। ऐसे में इस बार हाई अलर्ट रहा। हंगामे को रोकने के लिए पुलिस ने सजगता, सहयोग, जिम्मेदारी और बातचीत के फॉर्म्युले पर काम किया। जिसका असर शहर में दिखा। एसएसपी सुधीर कुमार कुमार ने बताया कि इस दिन के लिए एक सप्ताह से तैयारी की जा रही थी। फोर्स के साथ आम लोगों से भी सहयोग लिया गया।
कैला भट्टा में लोगों ने भी दिया पुलिस का साथ
जिले में संवेदनशील माने जाने वाले कैला भट्टा-इस्लाम नगर में इस बार पुलिस ने 3 दिन पहले ही सुरक्षा का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया था। क्षेत्र के प्रमुख लोगों व सिविल डिफेंस की टीम के साथ क्षेत्रवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। एक दिन पहले ही पुलिस और पीएसी के सशस्त्र जवानों के साथ सिविल ड्रेस में भी पुलिस बल को तैनाती कर दिया गया, जो संदिग्धों पर नजर बनाए रहे। इस बार क्षेत्रवासी शांति बनाए रखने को लेकर इतने गंभीर थे कि जुमे की नमाज के बाद लोगों को इधर-उधर खड़े रहने की जगह उन्हें वहां से हटने और घर जाने के लिए कहते रहे। वहीं, एडीएम सिटी शैलेंद्र प्रताप सिंह और एसपी सिटी मनीष मिश्रा समेत सिटी मैजिस्ट्रेट शिवप्रताप शुक्ल पूरे समय कैला-भट्टा तिराहे पर कुर्सी डालकर बैठे रहे। उन्होंने क्षेत्र के पुराने प्रभावी लोगों को भी अपने पास बैठाकर बातचीत की।
पूरे क्षेत्र में घूमते रहे डीएम और एसएसपी
डीएम अजय शंकर पांडेय और एसएसपी सुधीर कुमार सिंह भी पूरे समय क्षेत्र में घूमकर स्थिति पर नजर रखे रहे। दोनों अफसर मसूरी, कैला भट्टा-इस्लाम नगर, साहिबाबाद पसौंडा, लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर के विभिन्न स्थानों पर गए। डीएम ने बताया कि इस बार शांति बनाए रखने में पब्लिक का बहुत सहयोग मिला। ऐसा करने वालों को प्रशासन सम्मानित करेगा।
पब्लिक की 9 टीमों ने संभाली कमान
जानकारी के अनुसार पसौंडा में हुए बवाल के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की 9 टीमों का गठन किया, जिसमें 45 लोग शामिल रहे। इन टीमों को इलाके के लोगों को समझाने के साथ ही हंगामा करने वालों की पहचान करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। पसौंडा पहुंचे एसएसपी ने बताया कि क्षेत्र में लोगों के सहयोग से ही इसमें सफलता मिल पाई है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में पुलिस ने 150 से अधिक बैठकें कर लोगों से बात की और उन्हें समझाया। इसका असर भी दिखा। पहले जिन्होंने हंगामा कर पुलिस पर पथराव किया था, उनकी पहचान की जा रही है। अब तक 120 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य की पहचान व तलाश जारी है। इस मामले में लोनी के पूर्व विधायक और कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ ही 5000 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
पत्थर लेकर आए ट्रैक्टरों को रोका
पसौंडा में नमाज से पहले पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान 47 मस्जिदों को नमाज होनी थी। अलर्ट के दौरान क्षेत्र में कई ट्रैक्टर ऐसे आए, जिनमें पत्थर और ईंट थी। ऐसे वाहनों को पुलिस ने 1-1 कॉन्स्टेबल के साथ भेजा, ताकि किसी भी प्रकार के बवाल के दौरान इस प्रकार का सामग्री तक लोगों को पहुंचने से रोका जा सके।
फाड़ दिए पोस्टर
पुलिस के अनुसार, पहचान के बाद सामने आया है कि हंगामे में शहीद नगर से 14 युवा आए थे। उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अन्य प्रदर्शनकारियों की भी तलाश कर रही है। वहीं, पसौंडा में लोगों की पहचान के लिए लगाए गए पोस्टर फाड़ दिए गए हैं। जिन लोगों पर एफआईआर हुई है, उनकी पहचान के लिए पुलिस ने कई जगहों पर पोस्टर लगाए थे। इनमें से कुछ पोस्टर फाड़ दिए गए हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
बच्चों ने अफसरों को दिया गुलाब
शांति के साथ जुमे की नमाज अता होने के बाद कैला-भट्टा में क्षेत्रवासियों के साथ बच्चों ने भी पुलिस-प्रशासन के अफसरों का आभार जताया। उन्होंने एसपी सिटी और एडीएम सिटी को गुलाब भेंटकर खुशी जताई। दोनों अफसरों ने भी बच्चों को प्यार भरी शुभकामनाएं दीं।
Source: International