सिटी फॉरेस्ट की तर्ज पर प्रदेश के बड़े जिलों में बनेंगे नेचुरल पार्क

Bवस, गाजियाबाद : Bजीडीए के सिटी फॉरेस्ट के मॉडल पर प्रदेश के अधिकतर बड़े जिलों में नेचुरल पार्क बनाए जाएंगे। पिछले दिनों शासन स्तर पर हुई प्राधिकरण के कामकाज की मासिक समीक्षा बैठक में जीडीए वीसी कंचन वर्मा ने सिटी फॉरेस्ट के मॉडल का प्रजेंटेशन दिया है। इसकी तारीफ भी हुई। तय किया गया है कि इसी तर्ज पर प्रदेश के बड़े जिलों में कम लागत में ऐसा ही नेचुरल पार्क विकसित किया जाएगा। इसका जिम्मा डिप्टी डायरेक्टर उद्यान एस़ पी़ शिशोदिया को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही प्रदेश के प्राधिकरण के उद्यान अनुभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर काम शुरू किया जाएगा। जमीन चिह्नित करने के साथ ही अन्य पहलुओं पर विचार किया जाएगा। अलग-अलग जिले के सिटी फॉरेस्ट की डीपीआर तैयार करवाई जाएगी।

Bलागत कम रखने पर रहेगा जोर

Bएसपी ने बताया कि प्रॉजेक्ट को कम लागत में पूरा करने पर पूरा फोकस किया जाएगा, क्योंकि शासन की ओर से यही निर्देश है। इसलिए इसमें ज्यादा से ज्यादा नेचुरल फॉरेस्ट के तहत जो जरूरी होगा, किया जाएगा। सिविल वर्क कम से कम करवाया जाएगा। इससे लागत खुद भी खुद कम हो जाएगी।

B12 करोड़ में बना था सिटी फॉरेस्ट

Bकरीब 5 साल पहले जिले में हिंडन नदी के किनारे 10 से 12 करोड़ रुपये की लागत से सिटी फॉरेस्ट विकसित किया गया था। इसमें 1 साल के मेंटिनेंस की भी रकम रखी गई है। एसपी का कहना है कि इस लागत से कम में बाकी जिलों में नेचुरल पार्क विकसित किए जाएंगे।

Source: International

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