चंबल के बीहड़ अब भैंस चोरी के लिए हो रहे कुख्यात

भोपाल, 30 दिसंबर (भाषा) कभी दस्यु समस्या के लिए कुख्यात रहे चंबल के बीहड़ अब भैंस चोरी के लिए कुख्यात हो रहे हैं। पहले जहां डकैत फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करते थे, वहीं अब फिरौती के लिए पशु चोर भैंस चुराने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में चोरी की भैंस को वापस करने के बदले जो फिरौती वसूली जाती है, उसे स्थानीय भाषा में ‘पनिहाई’ कहा जाता है। चंबल के मुरैना जिले में पुलिस ने इस साल भैंस चोरी के 23 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ भैंस चोरों के पास लाइसेंसी बंदूक तक हैं। उनका कहना है कि कई भैंस चोरों का तो राजनीतिक गलियारों में भी दबदबा है। मुरैना जिले में इस साल भैंस चोरी के 23 मामले दर्ज हुए हैं जो पिछले साल इस अवधि में दर्ज मामलों से छह अधिक हैं। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के लोकसभा क्षेत्र मुरैना जिले में 2017 में भैंस चोरी के 14 मामले दर्ज हुए थे। मुरैना के जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘मैंने पुलिस को भैंस चोरी के मामलों को तुरंत दर्ज करने और शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बिचौलियों को फिरौती लेकर मामलों का निपटारा करने का मौका न मिल सके।’’ इस साल जिले में भैंस चोरी की 23 घटनाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भैंस चोर को बख्शा नहीं जाएगा। चोरी की भैंस को वापस करने के लिए चोरों द्वारा मांगी जाने वाली फिरौती को स्थानीय बोली में ‘पनिहाई’ कहा जाता है। सूत्रों का कहना है कि चोर बेहद मंहगी और लोकप्रिय नस्ल मुर्रा भैंस को वापस करने के बदले में उसकी कीमत का 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा ‘पनिहाई’ के तौर पर मांगते हैं।

Source: Madhyapradesh

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