'बवाल के दौरान 2 भाइयों को घर से जबरन उठा ले गई पुलिस'

वरिष्ठ संवाददाता, साहिबाबाद

पसौंडा के एक परिवार ने आरोप लगाया है कि संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस उनके 2 बेटों को जबरन उठा ले गई। इनमें से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है। 20 दिसंबर को हुए हंगामे के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे। इसके बाद जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। इसी कड़ी में यह मामला भी जुड़ गया है। एसपी क्राइम और एसआईटी के प्रभारी प्रकाश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार सबूतों के साथ अपनी बात रख सकता है। इसकी जांच की जाएगी।

पसौंडा में रहने वाले इशरार अहमद ने बताया कि 20 दिसंबर को हंगामे के दौरान उनके साले कादिल चौधरी और वसीम घर में थे। तभी उधर बड़ी संख्या में लोग और उनके पीछे पुलिस आई। कुछ पुलिसवाले घर से कादिल और वसीम को ले गए। इसके बाद दोनों को उपद्रवी बताकर गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि कादिल बीटेक के बाद दिल्ली में जॉब करता है। वह दिल्ली मेट्रो की जॉब के लिए तैयारी कर रहा है। इशरार ने बताया कि इस मामले में उन्होंने एसएसपी और डीएम को जानकारी दी थी।

Bजुमे की नमाज पर अलर्ट रही पुलिसB

20 दिसंबर के हंगामे के बाद शुक्रवार को होने वाली नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट रही। पसौंडा, कैलाभट्टा, मुरादनगर और लोनी में बवाल वाले क्षेत्रों में पुलिस फोर्स तैनात रही। डीएम अजय शंकर पांडेय और एसएसपी सुधीर कुमार सिंह गश्त पर रहे और शांति व्यवस्था का जायजा लिया। पहले हुए बवाल के बाद पुलिस ने 5000 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किए थे। इनमें 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

Source: International

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