अब 10 साल में जमा कर सकेंगे फ्लैट की किस्त

वरिष्ठ संवाददाता, गाजियाबाद

जीडीए की 155वीं बोर्ड बैठक में गुरुवार को आवंटियों के लिए दो अहम प्रस्ताव पास किए गए। इसमें एकतरफ जहां फ्लैट और भूखंड के आवंटियों को किस्त जमा करने के लिए 3 साल की जगह 10 साल तक का वक्त देने का फैसला किया गया। वहीं दूसरी तरफ मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के आवंटियों पर 7550 रुपये प्रति वर्ग मीटर अधिभार वाले प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया। बैठक में बिल्डरों को भी राहत दी गई। इस क्रम में फिलहाल आवासीय भूखंडों पर बहुआवासीय यूनिट के निर्माण पर रोक की योजना भी स्थगित कर दी गई। बैठक में कुल 20 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 5 को रोक दिया गया है।

Bअब किस्त भरने के लिए लंबा समय

Bअधिकारियों ने बताया कि एलआईजी, मिनी एमआईजी और एमआईजी भवनों के आवंटियों को अब तक 3 साल के भीतर पैसा जमा कराना होता था, अब यह अवधि बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है। 5 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले आवासीय, कमर्शल और एजुकेशन भूखंड की किस्त जमा करने के लिए 2 की जगह 5 साल तक का मौका मिलेगा। जबकि, 5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले भूखंड के खरीदार को इसके लिए 5 साल की जगह अब 7 साल तक समय मिलेगा। जीडीए को उम्मीद है कि इससे उसे 2735 करोड़ रुपये के उन भूखंड और भवनों को बेचने में मदद मिलेगी, जिन्हें अब तक खरीदार नहीं मिले हैं।

Bमधुबन बापूधाम के आवंटियों पर नहीं पड़ेगा अधिभार

Bजीडीए ने मधुबन बापूधाम में किसानों को बढ़े मुआवजे के रूप में करीब 1200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया है। इस पैसे को आवंटियों से वसूलने के लिए उनपर 7550 रुपये प्रति वर्ग मीटर अधिभार डाला जाना था। बैठक में यह प्रस्ताव पास नहीं हो सका। बोर्ड में तय हुआ है कि पुराने आवंटियों पर डाले जाने वाले भार का पुर्नपरीक्षण किया जाए और कोशिश की जाए कि उनपर कोई अतिरिक्त भार न पड़े। नए बिकने वाले कमर्शल भूखंडों पर ही इसका भार डाला जाए।

आवासीय भूखंडों पर पास होता रहेगा नक्शा

मंडलायुक्त अनिता सी. मेश्राम ने बताया कि आवासीय भूखंड पर बहुआवासीय यूनिट के नक्शे फिलहाल पास होते रहेंगे। नक्शा पास करने से भविष्य में आने वाले दिक्कतों पर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। वहां से जो आदेश आएंगे, फिर उन्हें लागू किया जाएगा। राजेंद्रनगर, इंद्रप्रस्थ, इंदिरापुरम, कौशांबी, स्वर्णजयंतीपुरम, शालीमार गार्डन एक्स-1, शालीमार गार्डन एक्स-2 और शालीमार गार्डन मेन और प्रताप विहार में बिल्डरों को बहुआवासीय यूनिट बनाने की परमिशन होगी। 150-300 वर्ग मीटर में 3 यूनिट, 301-400 वर्ग मीटर में 4 यूनिट, 401-500 वर्ग मीटर में 5 यूनिट और प्रति 100 वर्ग मीटर पर एक यूनिट बनाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, अधिकतम 12 इकाई अनुमन्य होगी। भवन की अधिकतम ऊंचाई पार्किंग सहित 15 मीटर की होगी। पार्किंग के अतिरिक्त अधिकतम 5 मंजिल की ही अनुमति होगी।

ये प्रस्ताव हुए पास

– इंदिरापुरम के शक्तिखंड-4 में फल-सब्जी के प्लैटफॉर्म बनाने के लिए लेआउट में आंशिक बदलाव किया गया। यहां 21 प्लैटफॉर्म बनाए जाएंगे

– अलग-अलग न्यायालय में लड़े जाने वाले केस में वकीलों की कोई फीस को लेकर प्रारूप तय किया गया

-ध्वस्तीकरण और जीडीए की संपत्ति की सुरक्षा के लिए होमगार्ड की तैनाती

-वित्तीय वर्ष 2018-19 की बैलेंस शीट को किया गया पास

-इंटीग्रेटेड हाइटेक टाउनशिप की प्रगति का अवलोकन कर हरी झंडी

-सहायक लेखाकार के इलाज के व्यय का भुगतान

-इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को सीएनजी पंप लगाने की अनुमति

-ट्रैफिक पुलिस को 8 क्रेन को किराए पर दिए जाने का प्रस्ताव

ये प्रस्ताव नहीं हो सके पास

-कौशांबी आवासीय योजना के लेआउट प्लान में आंशिक संशोधन

-गोविंदपुरम और अतिरक्ति सिहानी गेट में सीएनजी पंप के लिए भूखंड आवंटन

-नेहरूनगर गोदाम की जमीन का लैंडयूज चेंज करने का प्रस्ताव

-सेवानिवृत्ति कर्मचारियों को फिक्स मानदेय देने का प्रस्ताव

Source: International

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