
Bएनबीटी न्यूज, गाजियाबाद : Bखुद को अस्वस्थ बताकर केंद्र व्यवस्थापक की ड्यूटी से आनाकानी करने वाले प्रिंसिपलों का खेल नहीं चलेगा। उनके द्वारा प्रस्तुत मेडिकल सर्टिफिकेट की पुष्टि मुख्य चिकित्साधिकारी से कराई जाएगी। इस संबंध में यूपी बोर्ड ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक रविदत्त ने बताया कि अगर कोई प्रिंसिपल फर्जी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यूपी बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि ऐसे प्रिंसिपल जिन्हें बोर्ड के सभी पारिश्रमिक से वंचित कर दिए गए हैं, वे केंद्र व्यवस्थापक नहीं बन पाएंगे। ऐसे प्रधानाचार्य जिन्हें परीक्षा का अनुभव ना हो, परीक्षा के दौरान अनियमितता लिप्त कॉलेजों के प्रिंसिपल और अत्यंत संवेदनशील केंद्रों के प्रिंसिपल भी केंद्र व्यवस्थापक नहीं बन पाएंगे। ऐसे जूनियर हाईस्कूल जो माध्यमिक विद्यालय बन गए हैं, उनके प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक बनाया जा सकेगा।
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